Description
पुष्प संख्या – 10
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 37
पुस्तक आकार – 109×140mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – प्रथम (सन् 2000)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
इस पुस्तिकामें विश्वमें सर्वत्र व्याप्त युद्धकी विभीषिकाके मुख्य कारण निर्धनता, वर्गविद्वेष, धार्मिक तथा वैचारिक मतभेद और सत्तासुखपर संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित विचार व्यक्त किये गये हैं । इनका समाधान भी देश-काल-परिस्थितिके अनुरूप सनातनवेदादिशास्त्रसम्मत प्रस्तुत किया गया है ।
विश्वमें व्याप्त अशान्तिका मुख्य कारण देहात्मवाद और विषयसंस्पर्शज सुखवादको स्वीकारकर देहात्मवाद और विषयसंस्पर्शज सुखवादके स्वरूपको प्रस्तुतकर इनके निराकरणके उपायपर प्रकाश डाला गया है। साथ ही दुःखबीज अज्ञानके ध्वंसका दार्शनिक एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रस्तुत करते हुए वास्तवात्मवादसे मानवीय मानबिन्दुओंके रक्षणके स्वरूपका प्रतिपादन किया गया है। अन्तमें बहुचर्चित पर्यावरणके आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक स्वरूपको दर्शाया गया है।
संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित इस सन्देश में सुखमय जीवनका सरल, सरस, शास्त्रसम्मत, सर्वहितकारी स्वरूप गुम्फित किया गया है।








Reviews
There are no reviews yet.