Description
पुष्प संख्या – 106
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 48
पुस्तक आकार – 120×180mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
श्रीगोवर्द्धनमठ – पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु – शङ्कराचार्य स्वामी निश्चलानन्दसरस्वती – महाभाग – विरचित इस “प्रणवप्रकल्प” नामक ग्रन्थमें योगचूडामणि तथा योगशिखामणि – आदि उपनिषदोंमें सन्निहित प्रणवसे सम्बद्ध पहेलियोंका समाधान विविध उपनिषदों तथा बृहद्योगियाज्ञवल्क्यस्मृति आदिका अनुशीलनकर किया गया है। तद्वत् विष्णुलिङ्ग ब्रह्मदण्डमें सन्निहित ग्रन्थियोंकी मन्त्रात्मकताका तथा षट् चक्र, चतुष्पीठादिका रस – रहस्यात्मक संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित निरूपण किया गया है। इसके विधिवत् अध्ययन और अनुशीलनसे प्रज्ञा तथा प्राणशक्तिका उत्कर्ष एवम् तन्त्रयोगमें निर्विघ्न प्रवेश तथा परमात्मामें स्थिर अभिनिवेश सुनिश्चित है।






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