Description

पुष्प संख्या – 58
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 28
पुस्तक आकार – 109×140mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

पूज्यपाद पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु शङ्कराचार्य के हृदयमें सागर और सागरतटको विशुद्ध रखनेकी भावनासे नित्य सायङ्काल स्वर्गद्वार – पुरीमें सागरकी आरती प्रारम्म करनेका भाव उदित हुआ।
ब्रह्मपुराण, स्कन्दपुराण तथा स्कन्दोपनिषत् से समुद्भूत सानुवाद *श्री-सागर-गंगा-आरती*

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “श्रीसागर गङ्गा आरती”

Your email address will not be published. Required fields are marked *