Description

पुष्प संख्या – 182
भाषा – *हिन्दी*
पृष्ठ संख्या – 48
पुस्तक आकार – 120×180mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – प्रथम (सन् 2019)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ-पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु – शङ्कराचार्य स्वामी श्रीनिश्वलानन्द सरस्वती – महाभागके द्वारा विरचित ‘वेदतात्पर्यपरिशीलन’ नामक यह ग्रन्थ ‘गागरमें सागर’ की कहावतको चरितार्थ करनेवाला तथा अद्भुत रस – रहस्यसे भरपूर है। इसके आस्थापूर्वक आद्यन्त अध्ययन और अनुशीलनसे मानवजीवनको सार्थक करनेकी भावनाका तथा तदर्थ प्रीति तथा प्रवृत्तिका समुदय; तद्वत् वेदोंके अन्तर्निहित तात्पर्यका सुबोध सुनिश्चित है।

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “वेदतात्पर्य परिशीलन”

Your email address will not be published. Required fields are marked *