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शारीरक स्वाराज्यसिद्धि सारसमाख्या

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Description

पुष्प संख्या – 14
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 63
पुस्तक आकार – 120×180mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

शारीरक-स्वाराज्यसिद्धि-सारसमाख्या’ नामक पुस्तिका पूज्यपाद श्रीमज्जगद्गुरु-शङ्कराचार्यमहाभागद्वारा विरचित दो ग्रन्थरत्नोंका सारांशसंकलन है। ‘संक्षेपशारीरक’ और
‘स्वाराज्यसिद्धि’ नामक ग्रन्थद्वयका इसमें रसरहस्यसन्निहित है। इसमें प्रथम निबन्ध ‘संक्षेपशारीरकसारसमाख्या’ नामसे और द्वितीय निबन्ध ‘स्वाराज्यसिद्धिसारसमाख्या’ नामसे गुम्फित है। पुरीपीठाधीश्वर पूज्यपाद महाभागने दोनों ग्रन्थोंका टीकासहित मनोयोगपूर्वक अनुशीलनकर तथा उपनिषदादिके प्रमाणोंसे सारांशको मण्डितकर निबन्धद्वयकी संरचना की है। इतना ही नहीं, अज्ञानकी भावरूपता और उपादानरूपताका निरूपण मननपूर्वक प्रसादगुणसम्पन्न गांभीर्यगुणविशिष्ट शैलीमें प्रस्तुतकर पूज्यपादने वेदान्तजगत्‌को एक अद्भुतनिधि प्रदान की है।

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