Description
पुष्प संख्या – 26
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 31
पुस्तक आकार – 109×140mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – प्रथम (सन् 2004)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
*’व्रतस्वरूपविमर्श’* – *’व्रतमीमांसा’* और *’व्रतोद्देश्य*, *व्रतरक्षा* और *’व्रतप्रकार’* नामक दो निबन्धोंका समवेतरूप है। इसमें श्रुति- स्मृतियों और धर्मशास्त्रादिके अनुसार व्रतके स्वरूप, व्रतकी सिद्धि, व्रतसे अभ्युदय-निःश्रेयससिद्धि, सुखोपलब्धि, व्रतोद्देश्य, व्रतरक्षा और व्रतप्रकारका दार्शनिक और वैज्ञानिक ढङ्गसे प्रतिपादन किया गया है। जीवनको दिशाहीन होनेसे बचानेके लिए जीवनमें जिन व्रतोंकी प्रतिष्ठा अनिवार्य है, पूज्यपाद श्रीमज्जगद्गुरु-शङ्कराचार्यमहाभागने उनकी अद्भुत मीमांसा प्रस्तुतकर विद्वान् मनीषियोंको भी प्रमुदित करने का प्रयास किया है।







Reviews
There are no reviews yet.