Description
पुष्प संख्या – 13
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 104
पुस्तक आकार – 135×220mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
पूज्यपादद्वारा विरचित ‘सारार्थदीपिका’ धर्मोपदेशकों, दर्शनशिक्षकों, वैदिकवाङ्मयके अनुसन्धित्सुओं तथा सद्धर्म एवं परब्रह्मके जिज्ञासुओं और समाजकल्याणके कार्यमें संलग्न महानुभावोंके लिए वरदानस्वरूप ग्रन्थरत्न है। इसका अनुशीलन सानन्द-सानुराग आद्यन्त कर्त्तव्य है।
‘सारार्थदीपिका’ नामक इस ग्रन्थमें नास्तिक, आस्तिक दर्शनों तथा आस्तिक दर्शनोंमें मूर्धन्य वेदान्तदर्शनके प्रखण्डोंका सामञ्जस्य विस्तारपूर्वक जिस शैलीमें साधा गया है, वह अन्यत्र सुलभ नहीं है।
गोवर्द्धनमठ-सञ्चालक पं० श्री गङ्गाधरमिश्रजी एवं मठसंरक्षक पं० श्रीपूर्णचन्द्रमहापात्रजी तथा प्रेससंपर्क एवं कार्यालयसचिव श्रीशरज्जयसिंहजीके सहयोगसे पूज्यचरण ग्रन्थ लिखनेकेलिए समय निकाल पाये हैं; अतएव ये महानुभाव पूज्यचरणोंके विशेष स्नेहपात्र हैं। श्रीमती डॉ० पुष्पादीक्षितजी (बिलासपुर) ने प्रूफ शोधनका कार्य सम्पन्न कर पूज्यचरणोंको प्रमुदित किया है।
पाठकवृन्द प्रकाशनसंस्थानको स्वावलम्बी बनानेमें सहयोगी बनें ऐसी भावना है।








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