Description
पुष्प संख्या – 85
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 1070
पुस्तक आकार – 135×140mm
कवर – हार्ड कवर
संस्करण – द्वितीय (सन् 2025)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
श्रीगोवर्द्धनमठ – पुरीपीठके १४५ वें श्रीमज्जगद्गुरु – शङ्कराचार्य पूज्यपाद स्वामी निश्चलानन्दसरस्वती-महाभागके द्वारा आर्षशैलीमें विरचित ‘श्रीशिवावतार भगवत्पाद शङ्कराचार्य’ अद्भुत ग्रन्थ है। इसमें बावन (५२) सर्ग हैं। कालनिर्धारण, घटनाक्रम और शास्त्रार्थ तीनों दृष्टियोंसे यह महत्त्वपूर्ण संरचना है। इसमें प्रसङ्गानुसार धर्म, अर्थ, काम तथा मोक्षसहित भगवद्भत्तिका निरूपण है। इसमें योग, तन्त्र तथा राजधर्मका सन्निवेश है। इसमें सामान्यधर्म तथा विशेषधर्मका ; तद्वत् अध्यात्मविज्ञान और उसके अन्तर्गत ओङ्कारका, वैदिक-अवैदिक विविध दर्शनोंका एवम् नीतिशास्त्रका संक्षिप्त किन्तु सारगर्भित प्रतिपादन है। ग्रन्थ स्वस्थक्रान्तिका सुनिश्चित स्रोत है। इसमें आस्था, निष्पक्षता, स्पष्टता, आह्लादकता, गम्भीरता, दूरदर्शिता, चयनदक्षता, हितशीलता, क्रमबद्धता, काव्यरससम्पन्नता और अन्यूनता तथा अनतिरित्तताका सहज सन्निवेश है; परन्तु अतिशयोत्ति, असम्भव, अव्याप्ति , अतिव्याप्ति आदि दूषणोंका असन्निवेश है।







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