Description
पुष्प संख्या – 164
भाषा – *हिन्दी*
पृष्ठ संख्या – 51
पुस्तक आकार – 135×220mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – प्रथम (सन् 2018)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
इसके आद्यन्त अनुशीलनसे महासर्गके प्रारम्भमें ब्रह्माजीके कण्ठसे स्वतः उद्भूत ‘ॐ’ और ‘अथ’ के स्वरूप तथा महत्त्वका बोध सुनिश्चित है; तद्वत् अकारादि अक्षर और अक्षरसमुदायसे ब्राह्मणादि वर्णों तथा विविध देवोंकी समुत्पत्तिका रहस्यबोध भी सुनिश्चित है।







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