Description
पुष्प संख्या – 67
भाषा – *हिन्दी*
पृष्ठ संख्या – 431
पुस्तक आकार – 120×180mm
कवर – पेपरबैक
मूल लेखक (अंग्रेज़ी में)- *स्वामी श्रीभारतीकृष्ण तीर्थ जी*
हिन्दी अनुवाद – *श्रीविश्वेश्वरनाथ मेहरोत्रा जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2026)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*
पूज्यपाद ग्रन्थकार महाभाग ने सनातनशास्त्रों से सर्वथा अपरिचित और उनके अध्ययन-श्रवण-अनुशीलनादि से सुदूर महानुभावों को भी सनातनधर्म को सुगम तर्क तथा वैज्ञानिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझाने का सफल और सर्वतोभावेन सराहनीय कार्य किया है।
इस ग्रन्थ के अध्ययन और अनुशीलनसे सनातनधर्म में अगाध और अडोल आस्था की स्फूर्ति स्वाभाविक है। तदनुसार आचरण से व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक जीवन का सर्वविध उत्कर्ष भी सुनिश्चित है ।








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