Description

पुष्प संख्या – 101
भाषा – *हिन्दी*
पृष्ठ संख्या – 64
पुस्तक आकार – 120×180mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *स्वामी निश्चलानन्द सरस्वती जी*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2025)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

महाभारतयुद्ध ऐतिह्य तथ्य है। युद्धारम्भके पूर्व उसी दिन श्रीकृष्णार्जुनसम्वादरूप गीताशास्त्रकी अभिव्यक्ति भी सुनिश्चित तथ्य है। यद्यपि महाभारतके अनुसार उसके वर्ष, मास, पक्ष, तिथि तथा नक्षत्रका निर्णय एक जटिल पहेली है; तथापि महाभारतके अनुसार ही उसका निर्णय भी सम्भव है। महाभारत – संरचनासे लेकर अब तक इस जटिल पहेलीको सुलझानेका भरसक प्रयास बहुतेनि किया है, परन्तु आचार्य द्रोणविनिर्मित चक्रव्यूहके भेदनके तुल्य इस कालव्यूहका भेदन अवश्य ही दुर्गम सिद्ध हुआ है। ‘भारतसावित्री’ तथा ‘सनत्कुमारसंहिता’ आदिके माध्यमसे भी इस दुर्गमघाटीका पार पाना असम्भव है। श्रीहरिगुरुकरुणाके अमोघ प्रभावसे मनोयोगपूर्वक दीर्घकालतक ग्रन्थग्रन्थिके भेदनकी विधाका आलम्बन लेकर विचार करनेके फलस्वरूप श्रीगोवर्द्धनमठ- पुरीपीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरु – शङ्कराचार्य महाभागको प्राप्त निष्कर्ष अवश्य ही विश्वस्तरका अद्भुत आश्चर्य है। उसीका संक्षिप्त दिग्दर्शन इस ‘गीताजयन्ती’ नामक ग्रन्थमें उन्हींके शब्दोंमें सन्निहित है।

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