Description

पुष्प संख्या – 027
भाषा – *हिन्दी*
कुल पृष्ठ – 28
पुस्तक आकार – 135×220mm
कवर – पेपरबैक
लेखक – *अनिल भारद्वाज* ; *राजीव मिश्र*
संस्करण – द्वितीय (सन् 2024)
प्रकाशक – *स्वस्ति प्रकाशन संस्थान*

जिस प्रकार किसी भवनका निर्माण एवं उसकी सुदृढ़ता नींवपर निर्भर है; उसी प्रकार राष्ट्रका भविष्य विद्यार्थियोंपर निर्भर करता है। आजके बच्चे कलके भविष्य हैं। उचित मार्गदर्शन एवं संस्कारोंको पाकर वे एक आदर्श नागरिक बन सकते हैं। चरित्रवान् व अच्छे नागरिक ही देशके निर्माता बन करके एक अच्छे राष्ट्रका निर्माण करते हैं। यह तभी संभव हो सकता है, जब बच्चोंको योग्य मार्गदर्शन मिले। धर्म, संस्कार, संस्कृति और इतिहाससे अधिक अच्छा मार्गदर्शन मिलना शायद ही कहीं से संभव हो । इसलिए हम बच्चों में इनके प्रति जागरण पैदा करना चाहते हैं और राष्ट्रभक्तिकी भावना भरना चाहते हैं ।

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